जेलर 2 : उसके खिलाब कोही सर नहीं उठा सकता, नाम है जेलर लेकिन अब और भी एक्शन मोड में फिर एक बार।
बात कोही और फिल्म की होती तो शायद छोड़ भी देते लेकिन जब सामने खुद जेलर खड़ा हो तो किसकी इतनी हिम्मत जो उससे नजर अंदाज करे, जी हा जेलर 2022 में बुरी तरीके से पीटी बीस्ट के बाद 2023 में आई नेल्सन दिलीपकुमार द्वारा तमिल सिनेमा की वो फिल्म जिसने एक ही झटके में सबका दिल एकदम से जीत लिया और ले भी क्यों न जब कहानी/ निर्देशक नेल्सन दिलीपकुमार की हो और म्यूजिक डायरेक्टर अनिरुद्ध रविचंद्रन हो, हम आंख बंद करके कह सकते है थिएटर में आग लगेगी ही लगेगी। ऐसे भी और वैसे भी। उसका एक हुकुम जो अच्छे अच्छे को घुटनों पर ला दे उसकी वो मुस्कान जो हर सामने वाले के चेहरे का रंग उड़ा दे, अकेला आया तो भी सौ लोगों के बराबर है वो नाम है मृत्युवेल पांडियन ( रजनीकांत ) जेलर।
हर रोज भगवान की पूजा करता है वो हर जगह हर तरफ शांति चाहता है, क्यों फोकट में उससे उलझ रहे हो अगर आंखों से चश्मा निकाला तो बिना वजह मारे जाओगे।
हा भाई ख्वाफ है उस जेलर का हर तरफ ; बुराई को मत अपना नहीं तो भागने के लिए जमीन तक कम पड़ जाएगी।
याद है उसने अपने आंखों का चश्मा आखरी बार कब उतारा था, जब सामने खड़े बेटे को गलत रास्ते पर जाते देखा।
वर्मान तो बस एक बुराई की जड़ है, जिसकी मूले गहराई तक पहुंचे है, वही उखाड़ ने फिर वो आ रहा है। पहले तभी वो मुस्कुराया तो सिने में गोली घुसती थी लेकिन अब जरा सम्भल कर अभी का जेलर नहीं जेलर 2 है अब चश्मा उतारा तो चितडे भी ना मिले।
लेखक/निर्देशक : नेल्सन दिलीपकुमार
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